वे गाजा में खुश नहीं हैं
वे मिस्र में खुश नहीं हैं
वे लीबिया में खुश नहीं हैं
वे मोरक्को में खुश नहीं हैं
वे ईरान में खुश नहीं हैं
वे इराक में खुश नहीं हैं
वे यमन में खुश नहीं हैं
वे अफगानिस्तान में खुश नहीं हैं
वे पाकिस्तान में खुश नहीं हैं
वे सीरिया में खुश नहीं हैं
वे लेबनान में खुश नहीं हैं
तो वे कहाँ खुश हैं....?
वे ऑस्ट्रेलिया में खुश हैं
वे कनाडा में खुश हैं
वे इंग्लैंड में खुश हैं
वे फ्रांस में खुश हैं
वे इटली में खुश हैं
वे जर्मनी में खुश हैं
वे स्वीडन में खुश हैं
वे अमेरिका में खुश हैं
वे नॉर्वे में खुश हैं
वे हॉलैंड में खुश हैं
वे भारत में खुश है
वे डेनमार्क में खुश हैं....
मूलतः वे हर उस देश में खुश हैं जो मुस्लिम नहीं है और हर उस देश में दुखी हैं जो मुस्लिम है....
और वे दोष उन देशों को देते हैं जिनमें वे खुश हैं.....
और फिर वे उन देशों को उस देश जैसा बनाना चाहते हैं...
जहां से वे आए थे और दुखी थे.....😢
न खुद शांति से जियेंगे और ना ही किसी को शांति से जीने देंगे फिर भी शांतिदूत कहलायेंगे|
Post a Comment